Wednesday, 17 April 2024

आह और वाह

हम भी अना पसंद रहे, छोड़ आए सब,
वो आह और वाह का बोझा न सह सके,
उर्मिला माधव

काम फिर कभी

वो सोच ही रहा था कोई ज़ुल्म फिर करूँ,
मैंने उसे बताया नहीं काम फिर कभी..
उर्मिला माधव

Saturday, 13 April 2024

सीख लें

मुश्किलों से दिल लगाना सीख लें,
बे-सबब ही मुस्कुराना सीख लें,
ज़िंदगी में उफ़, नहीं करते हुए,
महफ़िलें तनहा सजाना सीख
लें,
उर्मिला माधव

Monday, 8 April 2024

किसका वक़ार क्या है

किसका वक़ार क्या है,ये जानते नहीं हम,
आखिर जवाब क्या है,क्यूँ ठानते नहीं हम??

किसकी है कारसाज़ी,खारिज़ हैं सब इरादे,
वहम-ओ-सराब क्या है,पहचानते नहीं हम, 

कितनी है जिंदगानी,इसको भरम रखा है,
इसका हिसाब क्या है,कुछ जानते नहीं हम,

गहराई नापते हैं,कमसिन जवानियों की,
हुस्न-ओ-शबाब क्या है!!क्यूँ मानते नहीं हम,

लम्बी ज़बान करके,थूका किये सभी को,
इसमें खराब क्या है,ये छानते नहीं हम....
उर्मिला माधव ...
9.4.2014...

जिस तक पहुंच नहीं है

जिस तक पहुंच नहीं है,वही बादशा हुआ,
वरना ज़मीं के लोग तो हम से ही हैं हुज़ूर..
उर्मिला माधव...
9.4.2017