ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 24 August 2021
जी न लगे
हमारी रात यही सोचने में कटती रही,
ज़रूर सोचें मगर सोचने में जी न लगे।।।
उर्मिला माधव
Monday, 23 August 2021
सदा देती है
मैंने पहले ही बहुत ख़ुद को झुका रख्खा है,
अब ज़मीं मुझको मुहब्बत से सदा देती है...
#उर्मिलामाधव ...
23.8.2015...
बचाया है
हज़ारों रंग देखे हैं मेरी नज़रों ने घबरा कर,
मगर दिल ने मुझे जबरन बहकने से बचाया है...
#उर्मिलामाधव..
23.8.2015
Saturday, 21 August 2021
हाहाकार है
ज़िन्दग़ी न जीत है न हार है,
जी रहे हैं सिर्फ़ हाहाकार है,
कितनी शिद्दत से बनाया था मकां
छोड़ कर जाना ही है बेकार है ।। उर्मिला माधव...
लड़ने पा राज़ी हूँ
मुझे हर शै से लड़ना है यही रब का इशारा है,
जहाने जंग है हर सू,तो मैं लड़ने पा राज़ी हूँ....
उर्मिला माधव...
22.8.2016
वफ़ा की शक़्ल
मेरी वफ़ा की शक़्ल, बिगाड़ी है दह्र ने,
वरना मेरे मिज़ाज में तल्खी कभी न थी,
उर्मिला माधव
Friday, 20 August 2021
नहीं की
कुछ बोझ था ज़हन पर सो बात ही नहीं की,
अंजाम से वाकिफ़ थे, शुरुआत ही नहीं की
उर्मिला माधव
Tuesday, 3 August 2021
अमानत
अमानत में ख़यानत से वफ़ा बदनाम होती है,
तो सारी उम्र रो-रो कर,गमों की शाम होती है..
उर्मिला माधव..
4.8.2013
सुर्ख़ियों में आ गए
कामयाबी क्या मिली के हो गया क़िस्सा अजब,
टूटने वाले भी रिश्ते ..........सुर्ख़ियों में आ गए....
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kaamyaabii kyaa milii ke .....hogaya qissaa ajab,
tootne waale bhii rishte surkhiyon main aa gaye
#उर्मिलामाधव...
4.8.2015...
शादियों का शोर
रिश्ते नातों से यहाँ ....हर शख्स ऊबा सा लगे,
किसलिए हर रोज़ फिर ये शादियों का शोर है!!!!
उर्मिलामाधव...
4.8.2915
आशिक़ी छांटा करो
एक मज़ाहिया पेशकश...
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अय मियां तुम आशिक़ी छांटा करो,
हर किसीको अपना दिल बांटा करो,
चार दिन की है जवानी ...और क्या,
जो भी रोके उस को तुम डांटा करो...
#उर्मिलामाधव..
4.8.2015
दस्तार
अपने हाथों से ज़रा दस्तार अपनी थाम लो,
आंधियां झोंके में आती हैं मियां,बचना ज़रा...
उर्मिला माधव..
4.8.2016
गुलदान
तेरे गुलदान के सब फूल .....बासी हो गए होंगे,
तो सूखी पत्तियों के ढेर ......काफ़ी हो गए होंगे,
तुझे कुछ याद है मैंने सलाम-ए-सुब्ह कब भेजा ?
तिरे घर के कई कोने भी ...ख़ाली हो गए होंगे,
उर्मिला माधव,
4.8.2017
हैसियत
एक ख़्वाहिश पूछने पे हमने उनसे कह दिया,
आप इतनी हैसियत रखते नहीं हैं,जाइये
उर्मिला माधव
सस्तमोली नमक
वहशतें,वीरानियाँ,बेपर्द हों वाजिब नहीं,
आजकल शीरीनियों से सस्तमोली है नमक,
उर्मिला माधव,
जमके पत्थर
ऐसी आंखों में कहां जज़्बा नज़र आए कोई,
जो जबीं के ऐन नीचे, जम के पत्थर हो गईं..
उर्मिला माधव
आज़ादी
एक दिन तो फैसला होगा हमारा आपका,
आपकी आज़ादियाँ गिरवी रखी हैं,
आजकल
उर्मिला माधव
बिजनेस शायरी
आपका 'बिज़नेस' है बहना 'शाइरी'
हम कहाँ से लाएंगे वो माहिरी ?
😊😊
उर्मिला माधव
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