ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 20 April 2025
कर नहीं पाते
ये कौन लोग हैं जो सब्र कर नहीं पाते,
ख़मोश होके .कहीं से गुज़र नहीं पाते,
जो अपने हाथ में मीज़ान लेके चलते हैं,
एक सुफ़ह भी शिद्दत से भर नहीं पाते,...
उर्मिला माधव,
19.4.2017
Friday, 11 April 2025
साथ है तन्हाइयों का
साथ है तन्हाइयों का बस कोई शिकवा न डर,
फिर किन्हीं रुसवाइयों का क्यूं भला होता असर,
मुद्दतों जब आंधियों का साथ ही मिलता रहा,
किसकी हो परवाह मुझको मैं भली और मेरा घर,
उर्मिला माधव
Thursday, 10 April 2025
आंख दिखा कर
तुम बात भी करते हो हमें आंख दिखा कर
बस दिल से करो बात यहीं हम भी मिलेंगे,
उर्मिला माधव
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