Saturday, 22 February 2025

मुब्तिला हो जाएगा

हर कोई बस एक ग़म में मुब्तिला हो जाएगा, 
ख़ूबियों में खामियों का सिलसिला हो जाएगा,
आपकी झूटी अदाएं, कुछ नहीं कर पाएंगी,
बेसबब ही जिंदगी से इक गिला हो जाएगा
उर्मिला माधव

Saturday, 8 February 2025

ये तेरी दुनिया

मैं ये तेरी दुनियां नहीं चाहती हूँ,
मुझे मेरी दुनियां बनाने का फ़न दे,

मिरा चश्मे गिर्या से क्यों राबिता हो,
मुझे मेरी खुशियां मनाने का फ़न दे,
उर्मिला माधव

Thursday, 6 February 2025

पीकर अपनी भांग

कुण्डलिया छंद....

क्या मतलब है आपका,जब देखो तब मांग,
विश्वनाथ सोये हुए.......पीकर अपनी भांग... 
पीकर अपनी भांग उन्हें भी......चैन चाहिए,
अपनी झोली लिए हुए.......सब लौट जाइए...
जब होगा संग्राम वोट का....आना फिर सब,
समय पूर्व ही किसी बात का है क्या मतलब.....
उर्मिला माधव...
7.2.2016

Monday, 3 February 2025

याद मुझको रह गए

उम्र भर वो याद मुझको रह गए,
बिन कहे जो सारी दुनियां कह गए,
रास्ते तो आज तक भी हैं वहीं,
एक वही थे जो हवा में बह गए,
उर्मिला माधव..