ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 29 September 2024
दुख्तर ए जज़्बात हूँ
बेटियों की खातिर....
दुख्तर-ए-जज़्बात हूँ कुछ उन्सियत रख्खो ज़रा,
वरना इस दुनियां के सारे.....रास्ते मिट जायेंगे.....
उर्मिला माधव....
29.9.2014....
दुख्तर---- बेटी
जज़्बात---भावनाएं
उन्सियत---हमदर्दी
Tuesday, 17 September 2024
किसी ख़स्ता हाल से
Mujhko kahan gurez kabhi khasta haal se
Ho tiirgii ka sath zaraa zakhm dhak sakun
:;
मुझको कहाँ गुरेज़ कभी ख़स्ता हाल से,
हो तीरगी का साथ,ज़रा ज़ख्म ढक सकूँ..
#उर्मिलामाधव
18.9.2015
ख़ुश्क हो जाते हैं लब
ख़ाकसारी और बिमारी, दोनों बिल्कुल एक हैं,
दोनों ही हालात में तो ख़ुश्क हो जाते हैं लब,
उर्मिला माधव,
Sunday, 8 September 2024
उम्र से ज़्यादा
उम्र से ज़्यादः कोई जिंदा नहीं,
चार पल है सिर्फ़,आइन्दा नहीं,
बेहयाई ओढ़ के बैठा हुआ जो,
गलतियां करके भी शर्मिंदा नहीं....
उर्मिला माधव...
9.9.2014...
Saturday, 7 September 2024
uske inkar ko adaa kahiye
उसके इनकार को अदा कहिये,
दौर-ए-मुश्किल में और क्या कहिये,
आगे नज़रों के जो भी आजाये,
बा-अदब उसको ना खुदा कहिये,
ज़िन्दगी जिस तरह भी चलती हो,
शुक्रिया उसको बा दुआ कहिये ,
धडकनें दिल की साथ उड़ लेंगी,
जश्न-ए-दौरां में बस हवा कहिये,
दिल पै कितना ही कुछ गुज़रता हो,
उसको हरगिज़ न बे-वफ़ा कहिये
उर्मिला माधव...
19.10 2014...
तुम जीत भी जाओ
तुम जीत भी जाओ तो उसे.....हार समझना,
बे-मौक़ा वाह-वाह को.........बेकार समझना,
शेर-ओ-सुखन के हुस्न को जीता न कोई भी,
तारीफ़ की आवाज़ों को...बस प्यार समझना,
#उर्मिलामाधव
8.9.2015
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