Sunday, 23 June 2024

दायरे में

दायरे में ख़ामियों की ज्यादती ज़्यादह रही है,
इक यही वो बात थी जो दिल कभी समझा नहीं,
#उर्मिलामाधव

Tuesday, 4 June 2024

जारी हुआ

दिल की जानिब से सितम जारी हुआ,
आपसे मिलना बहुत भारी हुआ,
यूँ भी तो मुश्किल थी अपनी ज़िंदगी,
फ़िर इज़ाफ़ी रंज क्यूं तारी हुआ,
उर्मिला माधव

Saturday, 1 June 2024

मुहाल है

ग़म की सियाह रात है जीना मुहाल है,
क्यूँ मुख़्तलिफ़ है इम्तिहाँ अब ये सवाल है,
तनहाइयों से लड़के ग़ुज़ारी है ज़िन्दगी,
अब तक भी हाथ ख़ाली हैं इसका मलाल है। 
उर्मिला माधव.