Wednesday, 4 March 2026

छुपाते हैं

दिल के हालात हम छुपाते हैं,
इसलिए.....खूब मुस्कुराते हैं, 
दर्द-ए-गम ओढ़नी से ढकते हैं 
छुप के....कोने में बैठ जाते हैं,
उर्मिला माधव...
5.3.2014...

ख़राब लगती है

मुझको होली ख़राब लगती है,
सच तो ये है,अज़ाब लगती है,
दिल तो मिलते नहीं हैं लोगों के,
झूठ का इक नक़ाब लगती है.....  
#उर्मिलामाधव ...
5.3.2015

सच बोलने की कीमतें

हम चुकाते रह गए ...सच बोलने की कीमतें,
तोड़ कर जाते रहे सब .उम्र भर की निसबतें,
यूँ भी तबियत के हमेशा हम बहुत नादिर रहे,
रास भी आईं तो कुछ तन्हाईयाँ और ख़लवतें.
उर्मिला माधव
5.3.2016

Tuesday, 3 March 2026

तुमको देखा

तुमको देखा तो अचानक ये ख़याल आया हमें,
ज़िन्दगी की रहगुज़र में तुम भी मेरे साथ थे 
उर्मिला माधव...
4.3.2016

ये दिल भी

ये दिल भी इक अजब सा मसअला ही है
कहाँ कब टूट जाता है, ये अंदाज़ा नहीं होता..
उर्मिला माधव
4.3.2018

तुम्हें तरजीह

तुम्हें तर्ज़ीह देने के मआनी इस तरह होंगे,
इज़ाफ़ा अपनी तक़लीफ़ों में अपने हाथ से करना,
उर्मिला माधव
4.3.2018

बार ए ग़म

इस क़दर कंधों पे रख्खा बार-ए-ग़म
कुछ क़दम चल के ज़ियादः थक गए
उर्मिला माधव