ये मेरे शेर और क़तआत ---
Friday, 26 July 2024
बर्फ़ के घर हो गए
क्यूँ कोई क़िस्सा करे,ग़म के मुतल्लिक जा-ब-जा ,
ज़ेहन-ओ-दिल इनसान के अब बर्फ़ के घर हो गए,
उर्मिला माधव
Thursday, 11 July 2024
ख़ूबसूरत
ख़ूबसूरत हो तो क्या अल्लाह हो?
सब पसंदें मुख़्तलिफ़ रखते हैं जी,
उर्मिला माधव
12.7.2018
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