ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 18 June 2023
सन्नाटा है
दिल में भी इक भीड़ भरा सन्नाटा है,
इस पै चल के कोई भी आता-जाता है,
इस दुनियां पर सारी दुनिया क़ाबिज़ है,
रोज़ मदारी अपना खेल दिखाता है..
उर्मिला माधव
Tuesday, 13 June 2023
हिज्र का मौसम
हिज्र का मौसम बहुत लंबा चला है,
अब हमारे साथ हम हैं और ख़ला है,
जिस्म है तो साथ में कुछ और भी है,
ज़िन्दगी को लोग कहते थे बला है..
उर्मिला माधव
Wednesday, 7 June 2023
बाख़ुदा
ज़ह्र हैं नज़दीकियाँ भी बा ख़ुदा
फ़ासलों के ज़ाविए, मक़बूल हैं
उर्मिला माधव
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