ये मेरे शेर और क़तआत ---
Sunday, 30 January 2022
परेशान कर दिया
दुनिया की हरक़तों ने परेशान कर दिया,
अपनी तरफ से हमको बयाबान कर दिया,
हिन्दू कहा हमें तो कभी और कुछ कहा,
जब दिल हुआ तो हमको मुसलमान कर दिया...
उर्मिला माधव
30.1.2015
Tuesday, 18 January 2022
karishma
ये उसकी तेज़ निगाही का करिश्मा ही सही,
फिर भी क़ाबिज़ न हुआ दिल पे ये मंज़र कोई...
Ye uski tez nigaahii ka karishma hi sahii,
Phir bhi qabiz n hua,dil pe ye manzar koii...
उर्मिला माधव ..
18.1.2016
abhi samjhi kahan hai
अभी संमझी कहाँ तुमने समझना और बाक़ी है,
ये दुनियां तब शुरू होती है,जब इनसान ढलता है..
उर्मिला माधव ..
17.1.2018
अभी संमझी कहाँ
अभी संमझी कहाँ तुमने समझना और बाक़ी है,
ये दुनियां तब शुरू होती है,जब इनसान ढलता है..
उर्मिला माधव ..
17.1.2018
ajab dekhi
झूठ की शक़्ल ही अजब देखी,
ये न बतलाएंगे ....के कब देखी,
ऐसी दुनिया पे हो यकीं किसको,
जो के बे नाम .....बे नसब देखी,
उर्मिला माधव
कल्पनाएँ तो ह्रदय
कल्पनाएँ तो ह्रदय की होगयीं ऊंची गगन सी, वास्तविकता के सहज सोपान होते ही कहाँ हैं??मंदिरों में देवता पर......पुष्प चढ़ते हैं सहस्त्रों, किन्तु सब निष्प्राण है,वरदान होते ही कहाँ हैं??
उर्मिला माधव
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