ये मेरे शेर और क़तआत ---
Tuesday, 13 October 2020
laut aana
Chale jaane wale, kabhi laut aanaa
Wo nagme suhane hamen phir sunana,
Nahin koii saani tire husne fun ka,
Ke dekha hai hamne ye sara zamana..
Urmila Madhav
Monday, 5 October 2020
नहीं कहते
आह को अजनबी नहीं कहते,
इश्क़ को ज़िन्दगी नहीं कहते,
दिल को महदूद रखना अच्छा है
ग़ैर से ग़म कभी नहीं कहते,
गुफ़्तगू में हज़ार ख़म निकलें,
उसको हम सादगी नहीं कहते,
गर चे है फ़िक़्र दीनो दुन्या की,
उसको आवारगी नहीं कहते,
अपनी तबियत में जो फ़क़ीरी है,
इसको बेचारगी नहीं कहते,
फ़र्क़ समझे जो रेत पानी का,
हम इसे तिशनगी नहीं कहते,
उर्मिला माधव
Sunday, 4 October 2020
मुअय्यन है
ज़िन्दगी कब तलक मुअय्यन है,
लोग ....रह-रह के आज़माते हैं,
जिसकी बुनियाद ही नहीं कुछ भी,
उस पे सब ......अटकलें लगाते हैं,
Zindagi kab talak muayyan hai,
Log rah-rah ke aazmate hain,
Jiski buniyad hi nahin kuchh bhi
Us pe sab atkalen lagaate hain,
Urmila Madhav
5.10.2017
बदलती है
ज़िन्दगी राह भी बदलती है,
कब किसी नक्श ए पा पे चलती है.
जो भी आहट है उसकी साँसों की,
अपने महबूब से निकलती है,
उर्मिला माधव
बता दूं क्या ?
तेरी तस्वीर भी लगा दूँ क्या?
तू मिरा कौन है बता दूं क्या?
मेरी आँखों में ख़ाब किसका है,
सारी दुनिया को ये जता दूँ क्या?
उर्मिला माधव
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